Wednesday, January 30, 2019

PM नरेंद्र मोदी बोले- कड़े और बड़े फैसले लेने के लिए पूर्ण बहुमत की सरकार बेहद जरूरी

आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 71वीं पुण्यतिथि है, इस अवसर पर देशभर में कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज गुजरात के दौरे पर हैं, यहां पर वह दांडी यात्रा की याद में बनाए गए दांडी स्मारक का लोकार्पण करेंगे. इस कार्यक्रम के अलावा प्रधानमंत्री कई अन्य कार्यक्रम में शामिल होंगे, जहां उन्हें कई परियोजनाओं का उद्घाटन करना है. दांडी जाने से पहले प्रधानमंत्री ने सूरत में एयरपोर्ट के नए टर्मिनल की नींव रखी.

सूरत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पिछली सरकार ने सिर्फ 25 लाख मकान बनाए, लेकिन हमारी सरकार ने काफी कम समय में 1 करोड़ से अधिक घर बनवाए हैं. उन्होंने दावा कि मेरे जितना काम करने में पिछली सरकार को 25 साल लग जाते.

यहां प्रधानमंत्री ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि पूर्ण बहुमत की सरकार कड़े फैसले भी ले सकती है और बड़े फैसले भी ले सकती है. उन्होंने कहा कि पूर्ण बहुमत की सरकार जवाबदेह होती है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर पूर्ण बहुमत नहीं होता तो मोदी जवाब में कह देता कि मिलीजुली सरकार है. आज पूर्ण बहुमत की सरकार है इसलिए देश का नाम विश्व में आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि पूर्ण बहुमत की सरकार बहुत जरूरी है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के नवसारी जिले में स्थित दांडी का दौरा करेंगे. जहां पर राष्ट्रीय साल्ट सत्याग्रह मेमोरियल बनाया गया है. इस स्मारक में महात्मा गांधी और उनके साथ आंदोलन करने वाले 80 अन्य सत्यग्राहियों का स्टैच्यू भी बनाया गया है. महात्मा गांधी ने ये आंदोलन 1930 में अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए चलाया था.

गुजरात दौरे से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दिल्ली के राजघाट पहुंच महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी. नरेंद्र मोदी के साथ रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू भी मौजूद रहे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी.

दांडी कार्यक्रम में शामिल होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सूरत में विनस अस्पताल का उद्घाटन किया. इसके बाद बाद एक बार फिर PM सूरत लौटेंगे और इनडोर स्टेडियम में युवाओं को संबोधित करेंगे.

छात्रों से संवाद के लिए प्रधानमंत्री के लिए एक खास स्टेज तैयार किया गया है. प्रधानमंत्री यहां रिवॉल्विंग स्टेज पर खड़े होकर लोगों से सीधा संवाद करेंगे. इस स्टेज पर खड़े होकर न सिर्फ पीएम मोदी लोगों को संबोधित करेंगे, बल्कि लोगों के सवालों के जबाब भी देंगे.

2019 पर नजर!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस एक दिवसीय दक्षिण गुजरात प्रवास के दौरान चार कार्यक्रमों में उपस्थित रहेंगे. उनके इन कार्यक्रमों को साल 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले की तैयारी मानी जा रही है. यह पहली बार है, जब दक्षिण गुजरात में पीएम मोदी एक ही दिन चार जगहों पर उपस्थित रहकर जनसभाओं को संबोधित करेंगे.

गौरतलब है कि इस महीने में प्रधानमंत्री का गुजरात में ये दूसरा दौरा है. इससे पहले वह वाइब्रेंट गुजरात के कार्यक्रम में हिस्सा लेने अपने गृह राज्य आए थे.

Tuesday, January 22, 2019

कुंभ पर अरबों रुपए ख़र्च कर सरकार को क्या मिलता है?

प्रयागराज में संगम किनारे रेतीली ज़मीन पर बसने वाले अस्थाई कुंभ नगर की चकाचौंध देखकर कोई भी अंदाज़ा लगा सकता है कि इस पूरी व्यवस्था के लिए सरकार ने अरबों रुपए खंर्च किए होंगे.

इन्हीं चमकदार रोशनियों के बीच गुज़रते हुए बरबस ही यह ख़्याल मन में उठने लगता है कि आख़िर इतने बड़े आयोजन और ख़र्च के ज़रिए सरकार को क्या हासिल होता होगा, उसे कितनी आय होती है या फिर राजस्व के लिहाज़ से उसे कोई लाभ होता है या नहीं?

इन तमाम सवालों के जुड़े कोई आंकड़े सरकार के पास नहीं है.

हालांकि जानकारों का कहना है कि सरकार को प्रत्यक्ष लाभ भले ही न हो लेकिन परोक्ष रूप से यह आयोजन सरकारों के लिए घाटे का सौदा नहीं होता है.

मौजूदा कुंभ का गणित
मौजूदा कुंभ की बात की जाए तो इस बार सरकार इसके आयोजन पर क़रीब 4200 करोड़ रुपए ख़र्च कर रही है जो कि पिछली बार हुए कुंभ की तुलना में तीन गुना ज़्यादा है. राज्य सरकार ने इसके लिए वित्तीय वर्ष 2018-19 के बजट में 1500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था और कुछ राशि केंद्र सरकार की ओर से भी दी गई थी.

भारतीय उद्योग परिसंघ यानी सीआईआई ने एक अनुमान लगाया है कि 49 दिन तक चलने वाले इस मेले से राज्य सरकार को क़रीब 1200 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है.

हालांकि ख़ुद सरकार ने इस तरह का कोई अनुमान अब तक नहीं लगाया है लेकिन मेला क्षेत्र के ज़िलाधिकारी विजय किरण आनंद कहते हैं कि सरकार को आय होती है ज़रूर है.

बीबीसी से बातचीत में विजय किरण आनंद कहते हैं कि सरकार को यह आय दो तरह से होती है, एक तो प्राधिकरण की आय है और दूसरी जो कई तरीक़े से होते हुए राज्य के राजस्व खाते में जाती है.

उनके मुताबिक़, "प्राधिकरण मेला क्षेत्र में जो दुकानें आवंटित करता है, तमाम कार्यक्रमों की अनुमति दी जाती है, कुछ व्यापारिक क्षेत्रों का आवंटन किया जाता है, इन सबसे थोड़ी बहुत आय होती है. मसलन इस बार हम लोगों ने क़रीब दस करोड़ रुपये कमाए हैं कुंभ मेले से. लेकिन परोक्ष रूप से इसकी वजह से राज्य के राजस्व में काफ़ी लाभ होता है जिसका हम लोग इस बार अध्ययन भी करा रहे हैं."

विजय किरण आनंद कहते हैं कि पिछले कुंभ, अर्धकुंभ या फिर हर साल प्रयाग क्षेत्र में लगने वाले माघ मेले में अब तक इस तरह का आंकड़ा जुटाने का प्रयास नहीं किया लेकिन इस बार किया जा रहा है.

सीआईआई की एक रिपोर्ट की मानें तो मेले के आयोजन से जुड़े कार्यों में छह लाख से ज़्यादा कामगारों के लिए रोज़गार उत्पन्न हो रहा है. रिपोर्ट में अलग-अलग मदों पर होने वाले राजस्व का आंकलन किया गया है जिसमें आतिथ्य क्षेत्र, एयरलाइंस, पर्यटन, इत्यादि विभिन्न क्षेत्रों से होने वाली आय को शामिल किया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक़ इन सबसे सरकारी एजेंसियों और व्यापारियों की कमाई बढ़ेगी.

यही नहीं, कुंभ में इस बार जगह-जगह लक्ज़री टेंट, बड़ी कंपनियों के स्टॉल इत्यादि की वजह से भी आय की संभावना जताई जा रही है.

हालांकि लखनऊ के आर्थिक पत्रकार सिद्धार्थ कलहंस इस आंकलन को बहुत भरोसेमंद नहीं मानते हैं. वो कहते हैं, "इस बार अर्धकुंभ है, सरकार भले ही इसे कुंभ प्रचारित कर रही है. अर्धकुंभ में भी ज़्यादातर लोग आस-पास से ही आते हैं जबकि कुंभ में बाहर से आने वालों की तादाद काफ़ी होती है. इसलिए जो लोग आ रहे हैं, वो अर्थव्यवस्था में बहुत ज़्यादा योगदान देने वाले लोग नहीं हैं."

सिद्धार्थ कलहंस के मुताबिक़ बड़ी कंपनियां सिर्फ़ अपने प्रचार-प्रसार के मौक़े तलाशने यहां आई हैं, उन्हें कारोबार से ज़्यादा न तो उम्मीद है और न ही वो कमाई कर पा रही हैं.

उनके मुताबिक़, "छोटे व्यापारी और पंडे जो कमाई करते हैं उससे भी सरकार को कुछ न कुछ राजस्व की प्राप्ति होती ही है लेकिन ये राशि इस आयोजन पर ख़र्च होने वाले धन की तुलना में बहुत कम होती है."

Friday, January 18, 2019

发改委:春运将加大对霸座等行为的联合惩戒力度

18日,国新办举行新闻发布会,请国家发展改革委、公安部、交通运输部、应急管理部、国家铁路局、中国民用航空局、中国铁路总公司负责同志介绍2019年春运形势和工作安排,并答记者问。

  会上,有记者提问:我们注意到,很多研究机构在总结去年交通旅游的关键词时,“霸座”榜上有名。今年春运期间,如果再发生“霸座”或者“车闹”等不文明现象,有关部门有哪些举措?

  连维良表示,前段时间,“车闹”、“机闹”、“霸座”等违法失信不文明行为受到社会的广泛关注,在媒体的有效监督下,在一些联合惩戒案例的震慑下,这种现象明显减少。今年春运期间,包括以后,相关部门将进一步加强相关措施,具体说就是“一个严格、三个加强”。

  “一个严格”就是严格依法处理。去年各交通主管部门针对出现的各种问题,加大了严格执法力度,完善了相关的法律法规。近日,最高法、最高检和公安部联合印发了《关于依法惩治妨害公共交通工具安全驾驶违法犯罪行为的指导意见》。各相关部门将加大法规制度的落实力度,对“车闹”、“机闹”、“霸座”等行为依法严厉惩处。

  “三个加强”就是加强联合惩戒,加强教育引导,加强社会监督。首先是加强联合惩戒。违反公共交通秩序的失信不文明行为之所以高发频发,一个很重要的原因是违法成本过低,解决的有效办法就是联合惩戒。去年3月份,国家发改委等八个部门联合出台了对危害公共交通秩序严重失信行为的联合惩戒意见。截至目前,民航局已经公布6批4209名严重失信人名单,铁路总公司已经公布了8批1793名严重失信人名单。这些严重失信人,除了受到公安部门的警告、罚款甚至拘留外,将在一定期限内被限制乘坐飞机、火车,并记入个人信用记录,在“信用中国”网站等窗口向社会进行公示。今年春运,包括以后,相关部门将加大实施联合惩戒的工作力度,营造“一处失信、处处受限”的失信惩戒大格局。

  二是加强教育引导。要发挥好诚信典型的示范作用,引导企业诚信经营、旅客文明出行。同时,加大对失信惩戒的宣传,广泛公示失信“黑名单”,广泛宣传受到联合惩戒的典型案例,让“车闹”、“机闹”、“霸座”这些行为人意识到失信的严重后果,让诚信出行、文明出行蔚然成风。

  三是加强社会监督。媒体对“车闹”、“机闹”、“霸座”行为的曝光,对治理这些不文明行为发挥了十分重要的作用。今后,发改委将进一步加大社会监督的力度。也非常欢迎各位媒体朋友更多地参与到监督中来。同时,发改委将面向全社会建立“诚信春运公众监督平台”,开通微信小程序,鼓励旅客点赞好人好事和优质服务,举报违法失信和不文明行为,构建全社会参与的交通出行诚信体系。

  第四条 政法工作必须坚持以马克思列宁主义、毛泽东思想、邓小平理论、“三个代表”重要思想、科学发展观、习近平新时代中国特色社会主义思想为指导,牢固树立政治意识、大局意识、核心意识、看齐意识,坚定中国特色社会主义道路自信、理论自信、制度自信、文化自信,坚决维护习近平总书记党中央的核心、全党的核心地位,坚决维护党中央权威和集中统一领导,围绕统筹推进“五位一体”总体布局和协调推进“四个全面”战略布局,坚持党的领导、人民当家作主、依法治国有机统一,坚决捍卫党的领导和中国特色社会主义制度,维护宪法法律权威,支持政法单位依法履行职责,保证司法机关依法独立公正行使职权,确保政法队伍全面正确履行中国特色社会主义事业建设者、捍卫者的使命。

  第五条 政法工作的主要任务是:在以习近平同志为核心的党中央坚强领导下开展工作,推进平安中国、法治中国建设,推动政法领域全面深化改革,加强过硬队伍建设,深化智能化建设,严格执法、公正司法,履行维护国家政治安全、确保社会大局稳定、促进社会公平正义、保障人民安居乐业的主要职责,创造安全的政治环境、稳定的社会环境、公正的法治环境、优质的服务环境,增强人民群众获得感、幸福感、安全感。

Thursday, January 10, 2019

भारत का मैच आज, टूर्नामेंट में यूएई को पहली बार हराने में नजर

एएफसी एशियन कप के ग्रुप ए में शुक्रवार को यहां के जायद स्पोर्ट्स सिटी स्टेडियम में भारत का यूएई से मुकाबला होगा। भारत ने थाईलैंड के खिलाफ अपना पहला मैच 4-1 से जीता था। इससे उसे तीन अंक मिले थे। वह अभी ग्रुप अंक तालिका में शीर्ष पर है। इस मैच में भी भारतीय टीम की नजर यूएई के खिलाफ भी जीत हासिल करने पर होगी।

भारत इस टूर्नामेंट में 1964 से हिस्सा ले रहा है। इस दौरान यूएई से उसका चार बार मुकाबला हुआ, लेकिन वह एक बार भी जीत हासिल नहीं कर पाया। ऐसे में फॉर्म में चल रही टीम इंडिया की नजर यूएई के खिलाफ अपनी पहली जीत हासिल करने पर होगी। यही नहीं, भारत यदि यूएई के खिलाफ जीत हासिल करने में सफल हो जाता है तो वह टूर्नामेंट के इतिहास में पहली बार लगातार दो मैच जीतेगा।

ड्रॉ खेलने पर भी भारत का नॉकआउट में पहुंचना तय
ग्रुप स्तर पर भारत को यूएई के बाद बहरीन से भी मैच खेलना है। भारत यदि यूएई और बहरीन के साथ ड्रॉ भी खेलता है तो वह नॉकआउट में जगह बना लेगा। वहीं, मेजबान यूएई को नॉकआउट में जगह बनाने के लिए हर हाल में जीत जरूरी है, क्योंकि उसने इस टूर्नामेंट में अपना पहला मैच बहरीन से ड्रॉ खेला था। उसके अभी एक ही अंक हैं।

फीफा रैंकिंग में यूएई, भारत से 18 स्थान ऊपर
भारत की यूएई के खिलाफ जीत इसलिए भी और अहम होगी, क्योंकि भारत अभी विश्व रैंकिंग में 97वें स्थान पर है। वहीं, यूएई 79वें नंबर पर है। ग्रुप-ए में वह सबसे ऊंची रैंकिंग वाला टीम है। यह भारत के लिए चिंता की बात है। एक मजबूत टीम के खिलाफ उसे मिडफील्ड में अच्छा खेल दिखाना होगा।

भारतीय डिफेंडर्स को सतर्क रहना होगा
भारत को पीछे की पंक्ति में भी काफी सावधान रहना होगा, क्योंकि 2015 में एशियन प्लेयर ऑफ द ईयर चुने गए अहमद खलील और अली मबखाउत जैसे खिलाड़ी उसके लिए मुश्किल बन सकते हैं। ये खिलाड़ी गोल करने में माहिर हैं। मबखाउत को यूएई के लिए सबसे अधिक गोल करने वाला खिलाड़ी बनने के लिए सात गोल की जरूरत है।

यूएई को खल सकती है ओमर अब्दुलरहमान की कमी
यूएई की टीम को चोटिल ओमर अब्दुलरहमान की कमी खलेगी। ओमर को एशिया के सबसे अच्छे खिलाड़ियों में से एक माना जाता है। हालांकि, अल्बर्टो जाचेरोनी की टीम ओमर के बगैर भी काफी मजबूत है। इस कारण गोलपोस्ट के सामने गुरप्रीत सिंह संधू को काफी सावधान रहने की जरूरत होगी।

भारतीय स्ट्राइकर्स से इस बार भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद
भारत ने स्ट्राइकर्स के दम पर थाईलैंड के खिलाफ जीत हासिल की। सुनील छेत्री ने दो, जबकि जेजे लालपेखलुवा और अनिरुद्ध थापा ने एक-एक गोल किया। आशिक कुरुनियन कोई गोल नहीं कर पाए, लेकिन उन्होंने और छेत्री ने सबसे ज्यादा समय गेंद को अपने कब्जे में रखा। कुरुनियन से यूएई के खिलाफ भी ऐसे ही खेल की उम्मीद है।

हमारे लिए यह दूसरे मुकाबलों जैसा : भारतीय कोच कांस्टेनटाइन
यूएई के साथ मुकाबले को लेकर भारतीय टीम के कोच स्टीफन कांस्टेनटाइन ने कहा, “हमारी टीम काफी युवा है। इस कारण वह काफी रोमांचित है। मेजबान टीम के साथ होने वाला मैच काफी अलग होगा, क्योंकि यह टीम काफी मजबूत है। हालांकि, मेरे लड़कों के लिए यूएई उनके रास्ते में खड़ी सिर्फ एक दूसरी टीम है।”

Thursday, January 3, 2019

एपल ने 15 साल में पहली बार रेवेन्यू गाइडेंस घटाया, शेयर में 7% गिरावट आई

आईफोन कंपनी एपल ने 29 दिसंबर को खत्म तिमाही के लिए रेवेन्यू गाइडेंस घटाकर 84 अरब डॉलर कर दिया है। पहले 89 से 93 अरब डॉलर की कमाई का अनुमान जताया था। एपल के सीईओ टिम कुक ने बुधवार को कहा कि चीन की अर्थव्यवस्था में कमजोरी और नए आईफोन की बिक्री उम्मीद के मुताबिक नहीं रहने की वजह से रेवेन्यू गाइडेंस कम किया गया है। पिछले 15 साल में पहली बार ऐसा हुआ है।

एपल की सप्लायर कंपनियों के शेयर 4% तक गिरे
टिम कुक की घोषणा के बाद एपल के शेयर में बुधवार को 7% से ज्यादा गिरावट आ गई। एपल की सप्लायर कंपनियों के शेयरों को भी नुकसान उठाना पड़ा। एपल का मेमोरी प्रोड्यूसर बनाने वाली कंपनी एसके हाईनिक्स के शेयर में 4.3% गिरावट दर्ज की गई। एपल के लिए चिप और डिस्प्ले बनाने वाली सैमसंग का शेयर 2% गिर गया।

एपल ने बीते साल की सितंबर तिमाही के नतीजे जारी करते हुए नवंबर में कहा था कि नए प्रोडक्ट बनाने की रफ्तार डिमांड से कम रह सकती है। साथ ही ऐलान किया कि अगली बार से आईफोन, आईपैड या कंप्यूटर की बिक्री के आंकड़े पेश नहीं करेगी। सितंबर तिमाही में आईफोन की बिक्री में सिर्फ 0.4% इजाफा हुआ था।

आईफोन एपल का फ्लैगशिप प्रोडक्ट है। कंपनी की आय में आईफोन की बिक्री की दो तिहाई हिस्सेदारी है। एपल ने साल 2007 में आईफोन लॉन्च किया था। एपल दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी है। अगस्त 2018 में इसका मार्केट कैप एक ट्रिलियन डॉलर हो गया था।

आयशर मोटर्स: 2 दिन में शेयर 13% टूटा
आयशर मोटर्स का शेयर गुरुवार को एनएसई पर 4.22% (893.30 रुपए) की गिरावट के साथ 20,269 रुपए पर बंद हुआ। बुधवार को इसमें 9.40% (2,181.10 रुपए) की गिरावट आई थी। कंपनी की रॉयल एनफील्ड बाईक की बिक्री में दिसंबर में 13% कमी आई है। इस वजह से शेयर में बिकवाली बढ़ गई है।

जेट एयरवेज: 2 दिन में शेयर 14% लुढ़का
एयरलाइन का शेयर गुरुवार को एनएसई पर 6.56% (17.30 रुपए) की गिरावट के साथ 246.25 रुपए पर बंद हुआ। बुधवार को भी 6.89% (19.35 रुपए) के नुकसान में रहा था। लोन में डिफॉल्ट करने और इक्रा की ओर से रेटिंग घटने की वजह से शेयर में बिकवाली बढ़ी।

डॉलर के मुकाबले रुपया गुरुवार को 9 पैसे कमजोर होकर 70.26 पर आ गया। बुधवार को 70.17 पर क्लोजिंग हुई थी। उधर, ब्रेंट क्रूड 0.3% की गिरावट के साथ 54.83 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।