एएफसी एशियन कप के ग्रुप ए में शुक्रवार को यहां के जायद स्पोर्ट्स सिटी स्टेडियम में भारत का यूएई से मुकाबला होगा। भारत ने थाईलैंड के खिलाफ अपना पहला मैच 4-1 से जीता था। इससे उसे तीन अंक मिले थे। वह अभी ग्रुप अंक तालिका में शीर्ष पर है। इस मैच में भी भारतीय टीम की नजर यूएई के खिलाफ भी जीत हासिल करने पर होगी।
भारत इस टूर्नामेंट में 1964 से हिस्सा ले रहा है। इस दौरान यूएई से उसका चार बार मुकाबला हुआ, लेकिन वह एक बार भी जीत हासिल नहीं कर पाया। ऐसे में फॉर्म में चल रही टीम इंडिया की नजर यूएई के खिलाफ अपनी पहली जीत हासिल करने पर होगी। यही नहीं, भारत यदि यूएई के खिलाफ जीत हासिल करने में सफल हो जाता है तो वह टूर्नामेंट के इतिहास में पहली बार लगातार दो मैच जीतेगा।
ड्रॉ खेलने पर भी भारत का नॉकआउट में पहुंचना तय
ग्रुप स्तर पर भारत को यूएई के बाद बहरीन से भी मैच खेलना है। भारत यदि यूएई और बहरीन के साथ ड्रॉ भी खेलता है तो वह नॉकआउट में जगह बना लेगा। वहीं, मेजबान यूएई को नॉकआउट में जगह बनाने के लिए हर हाल में जीत जरूरी है, क्योंकि उसने इस टूर्नामेंट में अपना पहला मैच बहरीन से ड्रॉ खेला था। उसके अभी एक ही अंक हैं।
फीफा रैंकिंग में यूएई, भारत से 18 स्थान ऊपर
भारत की यूएई के खिलाफ जीत इसलिए भी और अहम होगी, क्योंकि भारत अभी विश्व रैंकिंग में 97वें स्थान पर है। वहीं, यूएई 79वें नंबर पर है। ग्रुप-ए में वह सबसे ऊंची रैंकिंग वाला टीम है। यह भारत के लिए चिंता की बात है। एक मजबूत टीम के खिलाफ उसे मिडफील्ड में अच्छा खेल दिखाना होगा।
भारतीय डिफेंडर्स को सतर्क रहना होगा
भारत को पीछे की पंक्ति में भी काफी सावधान रहना होगा, क्योंकि 2015 में एशियन प्लेयर ऑफ द ईयर चुने गए अहमद खलील और अली मबखाउत जैसे खिलाड़ी उसके लिए मुश्किल बन सकते हैं। ये खिलाड़ी गोल करने में माहिर हैं। मबखाउत को यूएई के लिए सबसे अधिक गोल करने वाला खिलाड़ी बनने के लिए सात गोल की जरूरत है।
यूएई को खल सकती है ओमर अब्दुलरहमान की कमी
यूएई की टीम को चोटिल ओमर अब्दुलरहमान की कमी खलेगी। ओमर को एशिया के सबसे अच्छे खिलाड़ियों में से एक माना जाता है। हालांकि, अल्बर्टो जाचेरोनी की टीम ओमर के बगैर भी काफी मजबूत है। इस कारण गोलपोस्ट के सामने गुरप्रीत सिंह संधू को काफी सावधान रहने की जरूरत होगी।
भारतीय स्ट्राइकर्स से इस बार भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद
भारत ने स्ट्राइकर्स के दम पर थाईलैंड के खिलाफ जीत हासिल की। सुनील छेत्री ने दो, जबकि जेजे लालपेखलुवा और अनिरुद्ध थापा ने एक-एक गोल किया। आशिक कुरुनियन कोई गोल नहीं कर पाए, लेकिन उन्होंने और छेत्री ने सबसे ज्यादा समय गेंद को अपने कब्जे में रखा। कुरुनियन से यूएई के खिलाफ भी ऐसे ही खेल की उम्मीद है।
हमारे लिए यह दूसरे मुकाबलों जैसा : भारतीय कोच कांस्टेनटाइन
यूएई के साथ मुकाबले को लेकर भारतीय टीम के कोच स्टीफन कांस्टेनटाइन ने कहा, “हमारी टीम काफी युवा है। इस कारण वह काफी रोमांचित है। मेजबान टीम के साथ होने वाला मैच काफी अलग होगा, क्योंकि यह टीम काफी मजबूत है। हालांकि, मेरे लड़कों के लिए यूएई उनके रास्ते में खड़ी सिर्फ एक दूसरी टीम है।”
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