Friday, December 21, 2018

की धड़कन हुई तेज, आधी किडनी कर रही काम, नहीं मिली जमानत

इंडिया टुडे कॉन्क्लेव साउथ के दूसरे अहम सत्र 281 एंड बियॉन्ड- मेकिंग ऑफ चैंपियन में पूर्व क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण ने कहा कि वह अनिल कुंबले को भारतीय क्रिकेट टीम का कोच बने रहना देखना चाहते थे. बता दें, 2016 में बतौर कोच अनिल कुंबले की नियुक्ति लक्ष्मण, सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली की क्रिकेट एडवाइजरी कमेटी (सीएसी) की सिफारिश पर हुई थी.

जब कुंबले कोच थे तो भारतीय टीम ने अच्छा प्रदर्शन किया और टीम चैंपियन ट्रॉफी के फाइनल तक पहुंची. इस दौरान कुंबले और कप्तान विराट कोहली के बीच मतभेद की खबर आई और उसके कुछ दिन बाद भारत, पाकिस्तान से चैंपियन ट्रॉफी का फाइनल हार गई. इसके बाद कुंबले ने कोच के पद से इस्तीफा दे दिया था.

शुक्रवार को इंडिया टुडे कॉन्क्लेव साउथ में वीवीएस लक्ष्मण ने कहा कि कुंबले ने कोच और उससे पहले भारत का कप्तान रहते हुए अच्छा प्रदर्शन किया था. लक्ष्मण ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि कोहली ने कोई लाइन पार की थी. हमने सीएसी में सोचा कि अनिल को कोच बने रहना चाहिए, लेकिन कुंबले ने सोचा कि पद छोड़ने का यह निर्णय सही है. मैं हमेशा लोगों को बताता हूं कि सीएसी विवाह सलाहकार नहीं है. हमें सबसे अच्छा कोच ढूंढने का काम सौंपा गया था. हमने कुंबले को इस पद के लिए उचित समझा था. दुर्भाग्यवश, विराट कोहली और अनिल कुंबले के बीच बात नहीं बन पाई.

अपनी 281 रन की पारी को याद करते हुए लक्ष्मण ने कहा कि इस पारी ने उनकी जिन्दगी नहीं बदली. उनके करियर के लिए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2000 में सिडनी टेस्ट के दौरान 167 रन की पारी अहम है. बॉलिंग के लिहाज से ऑस्ट्रेलिया की सबसे मजबूत टीम थी और यह स्कोर करने के बाद मुझे कॉन्फिडेंस मिला कि मैं अब किसी भी परिस्थिति में खेल सकता हूं.

वीवीएस ने कहा कि आज क्रिकेट एक स्किल बेस्ड स्पोर्ट से बदलकर पावर या फिटनेस बेस्ड स्पोर्ट बन गया है. पहले जब हम खेलते थे, तब हम लोगों का फिटनेस टेस्ट या ब्लिप टेस्ट होता था, लेकिन इस टेस्ट के नतीजे से खिलाड़ी की टीम में जगह तय नहीं होती थी. टेस्ट फेल होने पर भी खिलाड़ी टीम में रह सकता था. लेकिन अब फिटनेस टेस्ट टीम में जगह पाने के लिए जरूरी हो गया है. यह क्रिकेट के लिए अच्छा है.

आईपीएल पर बोलते हुए लक्ष्मण ने कहा कि इससे क्रिकेट में इतना फर्क पड़ा है कि अब डिफेंसिव स्ट्रैटेजी के लिए जगह नहीं है. यह इसलिए अच्छा है क्योंकि पहले खिलाड़ियों को भारतीय टीम में जगह बनानी पड़ती थी और इसके बाद ही उनका फ्यूचर सिक्योर होता था, लेकिन अब बिना भारतीय टीम में जगह बनाए नए लड़कों को आईपीएल से फाइनेंनशियली मदद मिल जाती है.

Friday, December 7, 2018

उत्तराखंड में केदारनाथ बैन, लव जेहाद को प्रमोट करने का आरोप

सारा अली खान और सुशांत सिंह राजपूत की फिल्म केदारनाथ पर उत्तराखंड में बैन लग गया है. मूवी 7 दिसंबर को ही देशभर में रिलीज हुई है. केदारनाथ पर लव जेहाद, भगवान का अपमान और हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप है. केदारनाथ मंदिर के पुजारियों ने भी मूवी का विरोध किया है. हालांकि गुरुवार को उत्तराखंड हाईकोर्ट ने मूवी पर बैन से इंकार किया था.

उत्तराखंड सरकार ने राज्य में कानून व्यवस्था को बनाए रखने के मद्देनजर मूवी को बैन कर दिया है. हाल ही में बीजेपी ने फिल्म को बैन करने की मांग की थी. मूवी पर लव जेहाद को प्रमोट करने का आरोप लगा. बीजेपी ने मूवी के टैगलाइन और टाइटल पर भी आपत्ति जताई है.

गौरतलब है कि मूवी को पहले उत्तराखंड के सीएम और सरकार की तरफ से पास कर दिया गया था. लेकिन स्थानीय पार्टियों ने फिल्म पर  प्रतिबंध लगाने की मांग की. बुधवार को उत्तराखंड सरकार ने बीजेपी नेता सतपाल सिंह महाराज की अध्यक्षता में 4 सदस्यों की कमेटी का गठन किया गया था.

अब ANI को बयान देते हुए सतपाल महाराज ने कहा, ''हमारी कमेटी ने सीएम को सिफारिश भेज दी है. फैसला किया गया कि कानून व्यवस्था की समीक्षा की जानी चाहिए. हमने जिला मजिस्ट्रेट से शांति बनाए रखने को कहा है. सभी ने फैसला किया है कि केदारनाथ फिल्म को बैन किया जाना चाहिए. फिल्म राज्य में हर जगह बैन हो गई है.''

2014 के चुनाव के दौरान आंध्र प्रदेश और तेलंगाना एक ही राज्य थे. राज्य का बंटवारा होने के बाद तेलंगाना के हिस्से में 119 सीटें आईं. इनमें तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) को 90 सीटें और कांग्रेस के हिस्से में 13 सीटें आईं. टीआरएस के अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव को सीएम बनाया गया. यहां कांग्रेस और टीआरएस में लड़ाई है.

राज्य बनाने का श्रेय दोनों पार्टियां लेना चाहती हैं. इसे देखते हुए कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने केवल तेलंगाना में ही सभा भी की. कांग्रेस को लगता है कि केंद्र में यूपीए सरकार के दौरान उसने राज्य का निर्माण किया. चंद्रशेखर राव पहले तो कांग्रेस को श्रेय देते रहे, लेकिन बाद में उन्होंने इसका सारा श्रेय अपने नाम कर लिया. समय से पहले ही चंद्रशेखर राव ने विधानसभा भंग करने की सिफारिश भी कर दी. तेलंगाना में 7 दिसंबर को वोटिंग हुई. 11 दिसंबर को नतीजे घोषित किए जाएंगे.

Monday, December 3, 2018

साबुन मेवे की दुकान पर छापा, मिले 50 करोड़ रूपए

दैनिक भास्कर ने चांदनी चौक के खारी बावली में राजहंस सोप मिल्स प्राइवेट लिमिटेड में आयकर विभाग की छापेमारी की ख़बर को पहले पन्ने पर लिया है.

अख़बार लिखता है कि अब तक 50 करोड़ रुपए की गिनती हो चुकी है लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि गिनती सौ करोड़ रुपए के पार जा सकती है. साबुन और सूखे मेवों की इस छोटी सी दुकान की बेसमेंट में क़रीब 300 लॉकर्स मिले हैं.

आश्रय गृह से लड़कियाँ लापता

दिल्ली के दिलशाद गार्डेन स्थित संस्कार आश्रम से गायब हुई नौ लड़कियों की ख़बर को दैनिक हिन्दुस्तान ने अपने पहले पन्ने पर जगह दी है.

अख़बार लिखता है संस्कार आश्रम से बीते शनिवार और रविवार की रात से नौ लड़कियां ग़ायब हैं.

आश्रय गृह के अधिकारियों को भी नहीं पता है कि ये लड़कियां कहां हैं और कैसे ग़ायब हो गई. इस मामले में जीटीबी एन्क्लेव थाने में मामला दर्ज किया गया है.

अख़बार ने शाहदरा की डीसीपी मेघना यादव के हवाले से लिखा है कि इन ग़ायब नौ लड़कियों में से एक लड़की नाबालिग़ है. दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने डिस्ट्रिक्ट ऑफ़िसर और आश्रय गृह के अधीक्षक के तत्काल निलंबन के आदेश दे दिए हैं.

25 दिसंबर से चल सकती है देश की सबसे तेज़ ट्रेन

दैनिक जागरण ने ट्रेन-18 से जुड़ी ख़बर को पहले पन्ने पर प्रकाशित किया है. ट्रायल के दौरान 180 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ़्तार से दौड़ने वाली ये ट्रेन 25 दिसंबर को लॉन्च हो सकती है. इस इंजन रहित ट्रेन को सबसे पहले नई दिल्ली से वाराणसी रूट पर चलाए जाने की संभावना है.

रेल मंत्रालय का कहना है कि 25 दिसंबर को दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का जन्मदिन होता है और क्रिसमस भी. ऐसे में अगर ये ट्रेन उस दिन शुरू होती है तो यह पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि होगी.

नेशनल हेराल्ड की संपत्ति ज़ब्त

इंडियन एक्सप्रेस ने नेशनल हेराल्ड की संपत्ति ज़ब्त किए जाने की ख़बर को प्रमुखता से छापा है.

अख़बार लिखता है कि प्रवर्तन निदेशालय ने पंचकूला स्थित नेशनल हेराल्ड की ज़मीन ज़ब्त कर ली है. कार्रवाई एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग के तहत की गई. हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह ने यह ज़मीन नेशनल हेराल्ड को आवंटित की थी.

कश्मीर के पुलवामा में आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद से जुड़े 10 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. इन लोगों के पास से भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है. आशंका जताई जा रही है कि ये लोग आने वाले समय में किसी बड़ी और ख़तरनाक गतिविधि को अंजाम देने वाले थे. इस ख़बर को अमर उजाला ने पहले पन्ने पर लिया है.

Friday, November 30, 2018

हॉकी वर्ल्ड कप: भारत का जोरदार आगाज, साउथ अफ्रीका को 5-0 से रौंदा

भारत ने हॉकी वर्ल्ड कप में जोरदार शुरुआत की है. बुधवार को उसने अपने पहले मैच में दक्षिण अफ्रीका को 5-0 से रौंद डाला. वर्ल्ड रैंकिंग में पांचवें नंबर पर काबिज भारत की ओर से मनदीप सिंह (10वें मिनट में), आकाशदीप (12वें मिनट में),  सिमरनजीत (43 और 46वें मिनट में) और ललित उपाध्याय (45वें मिनट में) ने गोल दागे.

कलिंगा स्टेडियम में खेले गए इस मैच में 15वीं रैंकिंग वाली 'कमजोर' दक्षिण अफ्रीकी टीम गोल का खाता भी नहीं खोल पाई. अब पूल-सी में दो दिसंबर को भारत का मुकाबला बेल्जियम से होगा.

भारतीय टीम विश्व कप का खिताब जीतकर 43 साल का सूखा समाप्त करने के अभियान पर है. हालांकि टीम के लिए अपने इस लक्ष्य को हासिल करना आसान नहीं होगा. भारत की खिताबी राह में ऑस्ट्रेलिया, अर्जेंटीना, नीदरलैंड्स, जर्मनी और पाकिस्तान जैसी टीमें परेशानी बनकर खड़ी हो सकती हैं.

मैच रिपोर्ट-

भारतीय हॉकी टीम ने खचाखच भरे स्टेडियम में दर्शकों को तनिक भी निराश नहीं किया. अब तक एकमात्र 1975 में विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम को इस बार खिताब के प्रबल दावेदारों में माना जा रहा है. कोच हरेंद्र सिंह की टीम ने अपेक्षा के अनुरूप शुरुआत करते हुए दक्षिण अफ्रीका को पूरे 60 मिनट मैच में वापसी का मौका ही नहीं दिया.

कोच हरेंद्र सिंह ने टूर्नामेंट से पहले ही कहा था कि उनके खिलाड़ी आक्रामक खेल दिखाएंगे और मनप्रीत सिंह एंड कंपनी ने वही किया. भारत को पहला पेनल्टी कॉर्नर सातवें मिनट में मिला, जिस पर हरमनप्रीत सिंह का निशाना चूकने के बाद मनदीप ने रिबाउंड पर गोल दागा.

पहले क्वार्टर में ही भारत ने अपनी बढ़त दुगुनी कर ली जब 12वें मिनट में आकाशदीप ने बेहतरीन फील्ड गोल किया. दूसरे क्वार्टर में भी दक्षिण अफ्रीकी टीम भारत के डिफेंस को भेदने में नाकाम रही. भारत को 19वें मिनट में मिला पेनल्टी कॉर्नर बेकार गया, जबकि 27वें मिनट में टीम ने एक और सुनहरा मौका गंवा दिया.

ब्रेक के बाद भारत को 34वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन ड्रैग फ्लिकर हरमनप्रीत सिंह फिर गोल नहीं कर सके. तीसरे क्वार्टर के आखिरी दो मिनट में भारत ने दो गोल करके अपनी बढ़त और मजबूत कर ली. सिमरनजीत ने 43वें मिनट में और इसके दो मिनट बाद ललित ने गोल किया .

मनदीप अकेले गेंद लेकर दाहिने फ्लैंक से दौड़े और सिमरनजीत को सर्कल के भीतर उम्दा क्रॉस दिया, जिसने गेंद को गोल के भीतर डिफ्लैक्ट करने में कोई चूक नहीं की. इसके दो मिनट बाद आकाशदीप के मूव पर ललित ने गोल करके भारत को 4-0 की बढ़त दिला दी.

आखिरी क्वार्टर में भारत को पहले ही मिनट में पेनल्टी कॉर्नर मिला. इस पर सिमरनजीत ने दक्षिण अफ्रीकी गोलकीपर रासी पीटर्स को छकाकर रिबाउंड पर गोल दागा. दक्षिण अफ्रीका को मैच का एकमात्र पेनल्टी कार्नर 42वें मिनट में मिला, जिस पर गोल नहीं हो सका.

बेल्जियम ने उद्घाटन मैच में कनाडा को हराया

ओलंपिक रजत पदक विजेता बेल्जियम ने हॉकी विश्व कप के उद्घाटन मैच में बुधवार को कनाडा को 2-1 से हरा दिया. दुनिया की तीसरे नंबर की टीम बेल्जियम का इस बेमेल मुकाबले में 11वीं रैंकिंग वाली कनाडा को हराना तय ही माना जा रहा था, लेकिन टीम ने अपने प्रदर्शन से प्रभावित नहीं किया.

अब बेल्जियम टीम दो दिसंबर को भारत से खेलेगी, जबकि कनाडा का सामना दक्षिण अफ्रीका से होगा. पहले दो क्वार्टर में बेल्जियम ने काफी तेज रफ्तार हॉकी खेली, लेकिन बाद में लय कायम नहीं रख सकी.

Thursday, November 15, 2018

नर्मदा का सियासी सफर: कांग्रेसी ही ‘जयस’ के ‘पंजे’ को हराने में लगे

मनावर विधानसभा क्षेत्र की जब तक यात्रा नहीं कर ली जाए और डॉ. हीरालाल अलावा के अलावा मतदाताओं के साथ-साथ नाराज कांग्रेसी नेताओं के अंदर उबल रहे गुस्से से रूबरू न हो लिया जाए, सुर्खियों में बने हुए आदिवासी संगठन ‘जयस’ (जय आदिवासी युवा शक्ति संगठन) के सामने अपने राजनीतिक अस्तित्व को लेकर खड़े हुए संकट का ठीक से पता नहीं चल सकता।

डॉ. अलावा को इस समय जो लड़ाई उन्हें पंजे के निशान पर चुनाव लड़ाने वाली कांग्रेस के नेताओं से ही लड़नी पड़ रही है और उसके नतीजे ‘जयस’ के साथ-साथ समूचे धार जिले की कांग्रेसी राजनीति को प्रभावित करने वाले हैं। डॉ. अलावा को भाजपा की रंजना बघेल के साथ ही अपनी पार्टी के कुछ लोगों से चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।

पहले से ही दो फाड़ हो चुके ‘जयस’ के नेता डॉ. अलावा ने पहले दावा किया था कि वे निमाड़ सहित प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में पचास-साठ उम्मीदवार खड़े करेंगे। तब ऐसा माना गया था कि ‘जयस’ का आदिवासी क्षेत्रों में एक तीसरी शक्ति के रूप में उदय हो रहा है जो भाजपा और कांग्रेस दोनों को प्रभावित करने वाला है।

पर ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। अकेले डॉ. अलावा को कांग्रेस के कुछ बड़े नेताओं ने अपने चुनाव चिन्ह पंजे पर लड़ने के लिए तोड़ लिया। ‘जयस’ नेता मान भी गए और बाकी सीटों की मांग छोड़ दी। पर अलावा ने कांग्रेस से मांग जरूर की थी कि वे कुक्षी से ही लड़ना चाहते हैं क्योंकि वह स्थान उनके संगठन की गतिविधियों का केंद्र है। मनावर में स्थानीय कांग्रेसी नेताओं को पूरे घटनाक्रम की कोई जानकारी नहीं थी। दिग्विजय सिंह कुक्षी के मौजूदा विधायक सुरेंद्र सिंह बघेल को छेड़ना नहीं चाहते थे।

उन्होंने अलावा को मनावर से कांग्रेस के चुनाव चिन्ह पर लड़ने के लिए तैयार कर लिया। उनका साथ दिया तीन बार के कांग्रेसी सांसद गजेंद्र सिंह राजूखेड़ी ने, जो 2008 में रंजना बघेल से हार चुके थे। इधर कुक्षी में पिछली बार केवल 1639 मतों से हारे निरंजन डावर पांच साल से क्षेत्र में काम में लगे हुए थे। डावर कहते हैं कि जब उम्मीदवारों की लिस्ट फाइनल हो रही थी, तब उनका ही नाम सबसे ऊपर था। वे तैयारी में भी जुटे थे और लाखों रुपए खर्च भी कर चुके थे। सारे कांग्रेसी कार्यकर्ता भी उनके नाम को लेकर उत्साहित थे।

इस बार तो रंजना बघेल को हराने में भाजपा के लोग भी उनका साथ देने वाले थे पर दिग्विजय सिंह, कमलनाथ और दीपक बावरिया ने चुपचाप तरीके से अलावा को ‘पंजा’ थमा दिया। अब अलावा के साथ प्रचार में राजूखेड़ी के अलावा कांग्रेस का कोई बड़ा स्थानीय नेता काम नहीं कर रहा है। दिग्विजय जब मनावर आए थे, तब उनका इस बात को लेकर काफी विरोध किया गया, काले झंडे भी दिखाए गए। निरंजन डावर ने भी निर्दलीय के तौर पर बाद में अपना नामांकन भर दिया, जिसे उन्होंने भारी दबाव के चलते बुधवार को वापस ले लिया।

मनावर में इस समय भाजपा के साथ-साथ कांग्रेसी भी डॉ. अलावा को हराने में जुटे हैं। उनका कहना है कि ‘जयस’ अगर जीत गई तो मनावर की सीट हमेशा के लिए कांग्रेस से छिन जाएगी। कांग्रेस नेता मानते हैं कि अलावा जीत गए तो क्षेत्र में नक्सलवाद हावी हो जाएगा। मेधा पाटकर और हार्दिक पटेल जैसे नेताओं का गढ़ बन जाएगा।

लोगों को डराना-धमकाना शुरू हो जाएगा। पाटकर और पटेल दोनों ही अलावा का समर्थन भी कर रहे हैं। डावर ने चाहे नाम वापस ले लिया हो, राजूखेड़ी और अलावा के खिलाफ आक्रोश के चलते अधिकांश कांग्रेसी कार्यकर्ता अब घर बैठ जाएंगे या क्षेत्र छोड़ देंगे।

अलावा कहते हैं कि उनके खिलाफ दुष्प्रचार किया जा रहा है। वे आदिवासियों के हितों के लिए काम कर रहे हैं पर निहित स्वार्थ वाले लोग उन्हें रोकना चाहते हैं। वे ऐसा होने नहीं देंगे। क्षेत्र के सारे आदिवासी और गरीब तबके के लोग उनके साथ हैं। यहां स्थित सीमेंट प्लांट ने भाजपा के नेताओं की मदद से बत्तीस गांवों की जमीन को खरीद लिया है और आदिवासी रहवासियों को अपनी जगहों से हटाया जा रहा है।

मनावर के साथ लगे गांवों में घूमने से पता चलता है कि हालात कितने खराब हैं। खदानों से चूना पत्थर कन्वेयर बेल्ट के जरिए गांवों के ऊपर के आसमान को चीरते हुए प्लांट तक पहुंचता है। अलावा कहते हैं कि इलाके में केवल गांव की जमीन ही नहीं सबकुछ खरीद लिया गया है, जिसमें उनका विरोध कर रहे निहित स्वार्थों का ईमान भी शामिल है।

डॉ. अलावा को जिताने में हाल-फिलहाल उनके संगठन के युवा कार्यकर्ता और राजूखेड़ी के साथ जुड़े कुछ कांग्रेसी ही जुटे हैं। कांग्रेस का कोई बड़ा नेता दिल्ली या भोपाल से स्थानीय पार्टी कार्यकर्ताओं के विरोध के चलते अलावा के पक्ष में मनावर पहुंचने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है।

डॉ. अलावा को हराने में चारों तरफ की ताकतें लगी हुई हैं। अलावा को पता है कि उनकी जीत ‘जयस’ को जिंदा रखने के लिए कितनी जरूरी है और हार के परिणाम क्या होंगे। मनावर विधानसभा क्षेत्र का चुनाव तय करने वाला है कि आदिवासी क्षेत्रों में डॉ. अलावा और ‘जयस’ को इलाके में राजनीतिक रूप से जिंदा रहने दिया जाए या बेदखल कर दिया जाए। मनावर में मुकाबला कांग्रेस भाजपा और ‘जयस’ तीनों के लिए दिलचस्प होने वाला है।