नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को असम के सिलचर में रैली की। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में हवा का रुख किस तरफ है, ये आपके उत्साह से साफ दिख रहा है। पहले चरण के मतदान में ‘फिर एक बार मोदी सरकार’ की जबरदस्त लहर दिख रही है। इससे पहले प्रधानमंत्री ने बिहार के भागलपुर में जनसभा की। मोदी ने कहा कि 70 साल तक आपने लाल बत्ती के रौब को बढ़ते देखा, लेकिन गरीब के घर बत्ती जले, इसकी चिंता नहीं की गई। इस चौकीदार ने गरीबों के घर सफेद बत्ती जलाई।
'गांव-गांव तक सड़कें पहुंचाईं'
मोदी की इस सभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी और लोजपा प्रमुख रामविलास पासवान भी मौजूद रहे। प्रधानमंत्री ने कहा, "नेताओं को अपने आंगन तक चकाचक सड़क पहुंचाते तो आपने बहुत देखा, बिहार के गांव-गांव तक सड़कें पहुंचाने का बीड़ा इस चौकीदार और उसके साथियों ने उठाया है। बड़े-बड़े फार्म हाउस वाले, महल जैसे बंगले बनाने वाले, नामी-बेनामी संपत्ति खड़े करने वाले भी आपने बहुत देखे। उनसे अलग आपके इस चौकीदार ने आपके चूल्हे-चौके का ध्यान रखा है। 70 साल तक आपने लाल बत्ती के रौब को बढ़ते देखा लेकिन गरीब के घर बत्ती जले, इसकी चिंता नहीं की गई। आपके इस चौकीदार ने लाल बत्ती हटाई और गरीबों के घर सफेद बत्ती जलाई है।"
'पाक के हुक्मरानों के चेहरे पर अब डर दिखता है'
प्रधानमंत्री ने आगे कहा, "शांति की बात वही कर सकता है जिसकी भुजाओं में दम होता है। 2014 से पहले पाकिस्तान का रवैया क्या था। आतंकवादी भी पाक भेजता था और धमकियां भी पाक ही देता था। कांग्रेस की सरकार सिर्फ कागजी कार्रवाई में ही उलझ कर रह जाती थी। आज पाक की स्थिति देखिए। वहां के हुक्मरान हों या आतंक के आका, डर उनके चेहरे पर दिख रहा है। आज वे दुनिया में जाकर अपने डर का रोना रो रहे हैं। लेकिन दुनिया में आज कोई पाकिस्तान को घास डालने वाला नहीं बचा।"
पीएम बनने के बाद दूसरी बार भागलपुर आए मोदी
प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी दूसरी बार भागलपुर आए। इससे पहले वे 2015 में भागलपुर आए थे। तब राज्य में विधानसभा चुनाव होने वाले थे। पीएम इन वेटिंग रहते 2014 में उन्होंने सैंडिस कंपाउंड में सभा को संबोधित किया था।
नई दिल्ली. लोकसभा चुनाव के सात चरण में से पहले चरण के लिए आज वोट डाले जा रहे हैं। दोपहर 3 बजे तक उत्तरप्रदेश की आठ सीटों पर 51%, बंगाल में 70% और बिहार में 42% मतदान हुआ। वहीं, महाराष्ट्र में 46.13% और बिहार में 42% वोट डाले गए। पहले चरण में 18 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों की 91 सीटें शामिल हैं। कुल 1279 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनका फैसला 14 करोड़ 20 लाख 54 हजार 978 मतदाता करेंगे। इनमें 7 करोड़ 21 लाख पुरुष मतदाता, 6 करोड़ 98 लाख महिला मतदाता हैं। इनके लिए 1.70 लाख मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
पहले चरण में 10 राज्यों की सभी सीटों पर आज मतदान पूरा हो जाएगा। वहीं, आंध्रप्रदेश विधानसभा की सभी 175, अरुणाचल प्रदेश की सभी 60, सिक्किम की सभी 32 और ओडिशा की 147 में से 28 विधानसभा सीटों के लिए भी वोटिंग जारी है।
पहले चरण में 91 में से 33 लोकसभा सीटें ऐसी हैं, जहां सीधा मुकाबला भाजपा-कांग्रेस या एनडीए-यूपीए के बीच है। इनमें सबसे ज्यादा 7 सीटें महाराष्ट्र की हैं। पांच-पांच सीटें असम और उत्तराखंड और चार सीटें बिहार की हैं। वहीं, 35 ऐसी सीटों पर भी वोट डाले जाएंगे तीन से चार मुख्य दलों के प्रत्याशी आमने-सामने हैं। इनमें सबसे ज्यादा 25 सीटें आंध्र की हैं। वहां तेदेपा, वाईएसआरसीपी, भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबला है। आंध्र में 3 करोड़ 93 लाख वोटर हैं। वहीं, 8 सीटें उत्तर प्रदेश की हैं, जहां भाजपा, कांग्रेस के अलावा सपा-बसपा-रालोद ने अपना संयुक्त उम्मीदवार उतारा है।
2009 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने इन 91 में से 7 और कांग्रेस ने 55 सीटें जीती थीं। 2014 में यह तस्वीर बदल गई। कांग्रेस 7 सीटों पर सिमट गई, जबकि भाजपा को 25 सीटों का फायदा हुआ और वह 32 के आंकड़े तक पहुंच गई। पहले चरण की इन 91 सीटों पर पिछली बार कांग्रेस से ज्यादा सफल तेदेपा (16) और टीआरएस (11) रही थी।
यहां केंद्रीय मंत्री और भाजपा के पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकरी और कांग्रेस के नाना पटोले के बीच मुकाबला है। पटोले 2017 में भाजपा छोड़कर कांग्रेस में आ गए थे। नागपुर में दलित और मुस्लिम मतदाताओं की अहम भूमिका है। कुनबी और बंजारा समुदाय के वोटर भी हैं जो निर्णायक साबित हो सकते हैं। यहां राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मुख्यालय है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी इसी शहर से हैं।
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