सारा अली खान और सुशांत सिंह राजपूत की फिल्म केदारनाथ पर उत्तराखंड में बैन लग गया है. मूवी 7 दिसंबर को ही देशभर में रिलीज हुई है. केदारनाथ पर लव जेहाद, भगवान का अपमान और हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप है. केदारनाथ मंदिर के पुजारियों ने भी मूवी का विरोध किया है. हालांकि गुरुवार को उत्तराखंड हाईकोर्ट ने मूवी पर बैन से इंकार किया था.
उत्तराखंड सरकार ने राज्य में कानून व्यवस्था को बनाए रखने के मद्देनजर मूवी को बैन कर दिया है. हाल ही में बीजेपी ने फिल्म को बैन करने की मांग की थी. मूवी पर लव जेहाद को प्रमोट करने का आरोप लगा. बीजेपी ने मूवी के टैगलाइन और टाइटल पर भी आपत्ति जताई है.
गौरतलब है कि मूवी को पहले उत्तराखंड के सीएम और सरकार की तरफ से पास कर दिया गया था. लेकिन स्थानीय पार्टियों ने फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग की. बुधवार को उत्तराखंड सरकार ने बीजेपी नेता सतपाल सिंह महाराज की अध्यक्षता में 4 सदस्यों की कमेटी का गठन किया गया था.
अब ANI को बयान देते हुए सतपाल महाराज ने कहा, ''हमारी कमेटी ने सीएम को सिफारिश भेज दी है. फैसला किया गया कि कानून व्यवस्था की समीक्षा की जानी चाहिए. हमने जिला मजिस्ट्रेट से शांति बनाए रखने को कहा है. सभी ने फैसला किया है कि केदारनाथ फिल्म को बैन किया जाना चाहिए. फिल्म राज्य में हर जगह बैन हो गई है.''
2014 के चुनाव के दौरान आंध्र प्रदेश और तेलंगाना एक ही राज्य थे. राज्य का बंटवारा होने के बाद तेलंगाना के हिस्से में 119 सीटें आईं. इनमें तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) को 90 सीटें और कांग्रेस के हिस्से में 13 सीटें आईं. टीआरएस के अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव को सीएम बनाया गया. यहां कांग्रेस और टीआरएस में लड़ाई है.
राज्य बनाने का श्रेय दोनों पार्टियां लेना चाहती हैं. इसे देखते हुए कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने केवल तेलंगाना में ही सभा भी की. कांग्रेस को लगता है कि केंद्र में यूपीए सरकार के दौरान उसने राज्य का निर्माण किया. चंद्रशेखर राव पहले तो कांग्रेस को श्रेय देते रहे, लेकिन बाद में उन्होंने इसका सारा श्रेय अपने नाम कर लिया. समय से पहले ही चंद्रशेखर राव ने विधानसभा भंग करने की सिफारिश भी कर दी. तेलंगाना में 7 दिसंबर को वोटिंग हुई. 11 दिसंबर को नतीजे घोषित किए जाएंगे.
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